Vayam Sampurnam Association
वयं सम्पूर्णम् एसोसिएशन
"अहम् ते वयम् — A Journey from Me to We"
वयं सम्पूर्णम् केवल एक संस्था नहीं, बल्कि "अहम् ते वयम्" के दर्शन से प्रेरित एक जनआंदोलन है। यह व्यक्ति के आत्मजागरण से समाज के सामूहिक उत्थान तक की यात्रा है।
आध्यात्मिकता, करुणा, सेवा, भारतीय ज्ञान परंपरा और प्राकृतिक जीवनशैली पर आधारित हमारा उद्देश्य ऐसा समाज निर्मित करना है जहाँ प्रत्येक व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक और आध्यात्मिक रूप से सम्पूर्ण विकास प्राप्त करे तथा स्वयं के साथ-साथ समाज के कल्याण में भी योगदान दे।
हमारे प्रमुख कार्यक्षेत्र
-
समग्र स्वास्थ्य एवं हीलिंग (Holistic Healing)
-
समग्र सशक्तिकरण (Holistic Empowerment)
-
समग्र शिक्षा एवं विद्यार्थी विकास (Holistic Education & Student Development)
-
प्राकृतिक जीवनशैली एवं पर्यावरण संरक्षण (Natural Living)
-
आध्यात्मिक विकास एवं योगिक जीवनशैली (Spiritual Growth)
-
सेवा, संस्कार एवं सामुदायिक विकास (Community Development)
योग, ध्यान, भारतीय शास्त्रों की व्यावहारिक शिक्षाएँ, मूल्य-आधारित शिक्षा, प्राकृतिक जीवन, सतत विकास तथा जनसहभागिता के माध्यम से वयं सम्पूर्णम् एक ऐसे जागृत, संवेदनशील, आत्मनिर्भर और समरस समाज की कल्पना करता है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति "मैं" से "हम" की यात्रा करते हुए सम्पूर्ण मानवता के कल्याण का सहभागी बने।
हम क्या करते हैं? | हम यह क्यों करते हैं? | हम यह कैसे करते हैं?
वयं सम्पूर्णम् एसोसिएशन का उद्देश्य केवल सेवा करना नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानव निर्माण करना है।
हमारा विश्वास है कि यदि व्यक्ति का शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, बौद्धिक, सामाजिक और आध्यात्मिक विकास संतुलित रूप से हो, तो वह स्वयं भी सुखी होगा और समाज के लिए भी प्रेरणा बनेगा।
इसी उद्देश्य से हम विभिन्न आयु वर्गों के लोगों, विशेषकर विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों, महिलाओं एवं ग्रामीण समाज के लिए समग्र विकास के कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
हम क्या करते हैं?
हम निम्न क्षेत्रों में कार्य करते हैं—
-
विद्यार्थियों के लिए समग्र व्यक्तित्व विकास (Holistic Development)
-
जीवन-दर्शन एवं करियर मार्गदर्शन
-
प्रेरणादायी एवं मूल्य-आधारित शिक्षा
-
भगवद्गीता, योगसूत्र, उपनिषद एवं अन्य भारतीय शास्त्रों का व्यावहारिक जीवन में अनुप्रयोग
-
योग, ध्यान, प्राणायाम एवं मंत्र साधना
-
प्राकृतिक जीवनशैली एवं आयुर्वेद का प्रसार
-
समग्र स्वास्थ्य एवं हीलिंग
-
पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति आधारित जीवन
-
सामाजिक एवं आध्यात्मिक जागरण
-
स्वयंसेवा (Seva) एवं सामुदायिक विकास
हम नियमित रूप से विद्यालयों, महाविद्यालयों, गुरुकुलों, आश्रमशालाओं, अनाथालयों, जनजातीय क्षेत्रों एवं ग्रामीण समुदायों में जाकर निःशुल्क अथवा नाममात्र शुल्क पर कार्यशालाएँ एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करते हैं।
जब भी किसी गुरुकुल से आमंत्रण मिलता है, हमारी संस्थापक प्रो. मंजुश्री राठी दीदी वहाँ केवल व्याख्यान देने नहीं जातीं, बल्कि आवश्यकता अनुसार कई सप्ताह अथवा कई महीनों तक गुरुकुल में रहकर विद्यार्थियों के साथ जीवन जीते हुए उनका समग्र विकास करती हैं।
हमारा मानना है कि शिक्षा केवल पढ़ाने से नहीं, बल्कि जीवन जीकर दिखाने से आती है।
हमारी विशेषता (USP)
हमारी सबसे अनूठी पहचान है—
"मैजिक के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा"
आज के बच्चों तक यदि केवल उपदेश पहुँचाया जाए तो वह शीघ्र भूल जाते हैं।
किन्तु जब वही जीवन-मूल्य जादुई प्रयोगों (Magic Shows), कहानियों, गतिविधियों, खेलों एवं अनुभवात्मक शिक्षण के माध्यम से सिखाए जाते हैं, तो वे बच्चों के मन में हमेशा के लिए बस जाते हैं।
हम भगवद्गीता, पतंजलि योगसूत्र, पंचतंत्र, उपनिषद एवं अन्य भारतीय ग्रंथों के सिद्धांतों को आधुनिक जीवन से जोड़कर अत्यंत रोचक एवं सरल शैली में प्रस्तुत करते हैं।
विद्यार्थी केवल सुनते नहीं—
वे आश्चर्यचकित होते हैं,
हँसते हैं,
भाग लेते हैं,
समझते हैं,
और सबसे महत्वपूर्ण—
उन शिक्षाओं को अपने जीवन में अपनाना प्रारम्भ कर देते हैं।
हम यह क्यों करते हैं?
आज की शिक्षा विद्यार्थियों को डिग्री तो देती है, किन्तु अनेक बार जीवन जीने की कला नहीं सिखा पाती।
तनाव, भय, आत्मविश्वास की कमी, मोबाइल की लत, उद्देश्यहीनता, अवसाद, क्रोध, पारिवारिक समस्याएँ और नैतिक मूल्यों का ह्रास—ये चुनौतियाँ केवल पुस्तकीय शिक्षा से हल नहीं होतीं।
भारतीय ऋषियों ने हजारों वर्ष पूर्व इन सभी समस्याओं के समाधान दिए हैं।
हमारा उद्देश्य उन दिव्य शिक्षाओं को पुनः जीवंत बनाना है—ऐसी भाषा में, ऐसे माध्यम से और ऐसे अनुभवों के साथ, जिन्हें आज का विद्यार्थी सहजता से समझ सके और अपने जीवन में उतार सके।
हमारा विश्वास है—
"जब एक विद्यार्थी बदलता है, तो एक परिवार बदलता है।
जब परिवार बदलते हैं, तब समाज बदलता है।"
इसी भावना को हम कहते हैं—
"अहम् ते वयम्" — "मैं" से "हम" की यात्रा।
हम यह कैसे करते हैं?
हमारा कार्य केवल कक्षा तक सीमित नहीं है।
हम परिवर्तन को अनुभव के माध्यम से लाते हैं।
हमारी कार्यशैली में शामिल हैं—
-
प्रेरणादायी कार्यशालाएँ
-
समग्र व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम
-
मैजिक शो के माध्यम से मूल्य शिक्षा
-
गीता एवं योगसूत्र का व्यावहारिक प्रशिक्षण
-
योग, ध्यान एवं प्राणायाम
-
कहानी, नाटक एवं समूह गतिविधियाँ
-
काउंसलिंग एवं मेंटरिंग
-
प्रकृति आधारित शिक्षण
-
सेवा एवं स्वयंसेवी गतिविधियाँ
-
गुरुकुलों में दीर्घकालीन निवास एवं प्रशिक्षण
हमारी प्रेरणा
प्रो. मंजुश्री राठी दीदी पिछले दो दशकों से अधिक समय से शिक्षा, मनोविज्ञान, व्यक्तित्व विकास, प्राकृतिक जीवन एवं आध्यात्मिकता के क्षेत्र में कार्यरत हैं।
वे पूर्व विभागाध्यक्ष (HOD), प्राध्यापक, मनोचिकित्सक (Psychotherapist), काउंसलर, लाइफ कोच, आयुर्वेदिक एवं हर्ब थेरेपिस्ट, प्राकृतिक जीवनशैली की प्रेरक, स्वस्थ पाक-कला विशेषज्ञ (Healthy Ayurvedic Cook) तथा एक बहुमुखी कलाकार हैं।
वे स्वयं अत्यंत सरल, प्राकृतिक एवं संतुलित जीवन जीने में विश्वास रखती हैं और वही जीवनशैली समाज तक पहुँचाने का प्रयास करती हैं।
नर्मदा परिक्रमा के दौरान बिना धन साथ रखे, केवल ईश्वर एवं प्रकृति पर विश्वास रखते हुए की गई यात्रा ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। वहाँ प्राप्त प्रेम, सेवा, आध्यात्मिक अनुभव और दिव्य कृपा ने उन्हें यह अनुभूति कराई कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य जो मिला है, उसे समाज को लौटाना है।
तभी से उनका जीवन ज्ञान, सेवा और संस्कारों के प्रसार के लिए समर्पित है।
साहित्य के माध्यम से संस्कार
प्रो. मंजुश्री राठी दीदी अनेक पुस्तकों की लेखिका हैं।
उनकी विद्यार्थियों के लिए लिखी गई प्रमुख पुस्तक—
"The Complete Student – Bridging the Gap Between Contemporary Education and Ancient Teachings"
आज के विद्यार्थियों के लिए एक जीवन-परिवर्तनकारी पुस्तक है।
इसमें भगवद्गीता, वेदों तथा भारतीय ज्ञान परंपरा के अनेक सूत्रों को आधुनिक जीवन, शिक्षा, व्यक्तित्व विकास, लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास, नेतृत्व, अनुशासन एवं सफलता से जोड़ते हुए अत्यंत सरल एवं व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत किया गया है।
इसके अतिरिक्त उन्होंने मूल्य शिक्षा, प्राकृतिक जीवन एवं समग्र विकास से संबंधित अन्य पुस्तकों की भी रचना की है, जिन्हें विभिन्न कार्यक्रमों में विद्यार्थियों तक पहुँचाया जाता है ताकि कार्यशाला समाप्त होने के बाद भी उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन की यात्रा निरंतर चलती रहे।
वयं सम्पूर्णम् की स्थापना क्यों हुई?
कई वर्षों तक हमने जानबूझकर किसी संस्था या NGO का गठन नहीं किया।
हमारा उद्देश्य सेवा करना था, संस्था बनाना नहीं।
हजारों कार्यशालाओं, गुरुकुलों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, अनाथालयों, आश्रमशालाओं तथा सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुँचने का अवसर मिला।
हमारे लिए सबसे बड़ा प्रमाणपत्र किसी संस्था द्वारा दिया गया सम्मान नहीं, बल्कि वे असंख्य जीवन हैं जिनमें सकारात्मक परिवर्तन आया।
परिवर्तित जीवन ही हमारे कार्य का वास्तविक प्रमाणपत्र हैं।
इसी प्रेरणा से, अधिक लोगों तक पहुँचने, अधिक स्वयंसेवकों को जोड़ने तथा सेवा के कार्य को व्यापक बनाने के उद्देश्य से वयं सम्पूर्णम् एसोसिएशन की स्थापना की गई।
आइए, इस यात्रा में सहभागी बनें
हम मानते हैं कि संसार को बदलने का सबसे सरल मार्ग है—
एक व्यक्ति का समग्र विकास।
जब व्यक्ति बदलता है,
परिवार बदलता है।
जब परिवार बदलते हैं,
समाज बदलता है।
और जब समाज बदलता है,
राष्ट्र और विश्व भी बदलते हैं।
आइए, "मैं" से "हम" की इस यात्रा में हमारे सहयात्री बनें।
Donation Details:
Vayam Sampurnam Association – Website Section Layout (Minimal Version)
1. Organization Info
-
Full Name: Vayam Sampurnam Association
-
Type: Section 8 Company (Non-profit)
-
PAN Number : AALCV3403C
-
TAN Number: NSKV08554A
-
Date of Incorporation: 2025
-
Account number: 50200116772451
-
IFSC Code: HDFC0004663
2. Our Mission
“To empower children and women, promote natural living, and create a holistic environment for learning, growth, and spiritual development.”
-
Focus on your Gurukul, Natural Living Ashram, and other social initiatives.
-
Mention 10 years of previous social work to show credibility.
3. Current Projects
-
Gurukul for Children – Free education & holistic development
-
Natural Living Ashram – Sustainable, eco-friendly lifestyle
-
Women Empowerment Initiatives – Skill-building and self-reliance
4. Support Us / Donate
-
Call to Action: “Support our mission and help us reach more children and women.”
-
Payment Options: UPI / Bank Transfer / PayPal
-
Note: “Your contribution helps us directly fund education, ashram facilities, and social initiatives.”
-
Optional: “Donors will receive acknowledgment and updates on our activities.”
5. Contact Info
-
Email:
-
WhatsApp: +91 7843007413
-
Phone: +91 7843007413
6. Transparency Note
“We are a newly registered Section 8 company. We are in process of obtaining 80G, and other necessary compliances. All donations are used strictly for our social and educational initiatives.”

Meet The Team
Honoring Our Supporting Team

Milind Kulkarni
CA

Hiteshbhai Thummar
Natural Farming Expert

Nageshbhai Vyas
Advisory Committee

Jayant Joshi
Advisory Committee



